अब उपमहापौर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव।

By:VOB.

नगर निगम में अविश्वास प्रस्ताव को लेकर पार्षदों के बीच गुटबाजी का सिलसिला अब जोर पकड़ने लगा है। महापौर दीपक भुवानियां के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने के 24 घंटे बाद ही पार्षदों ने उपमहापौर डॉ. प्रीति शेखर के खिलाफ अविश्वास का प्रस्ताव ला दिया है। बुधवार को 16 पार्षदों ने हस्ताक्षरयुक्त पत्र नगर आयुक्त व प्रमंडलीय आयुक्त को सौंपकर उपमहापौर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाए जाने की मांग की।

इससे पूर्व मंगलवार को नगर निगम के 31 पार्षदों ने महापौर दीपक भुवानियां के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाए जाने के लिए नगर आयुक्त अवनीश कुमार सिंह व प्रमंडलीय आयुक्त आरएल चोंग्थू को हस्ताक्षरयुक्त आवेदन सौंपा था। इसके बाद से ही नगर निगम में राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई थी। नगर निगम में कुल 51 पार्षद हैं। जिनमें से कुछ महापौर का विरोध कर रहे हैं तो कुछ उपमहापौर का। हालांकि कुछ ऐसे पार्षद भी हैं जो बिल्कुल तटस्थ हैं। वह किसी के पक्ष या विरोध में नहीं हैं।

कुर्सी की लड़ाई को लेकर दो गुटों में बंटे पार्षदों के बीच आर-पार कर लड़ाई होने के आसार लग रहे हैं। दो पक्ष अपने गुट के पार्षदों को गोलबंद कर अपना कुनबा बढ़ने के लिए प्रयासरत है। हालांकि उपमहापौर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव के लिए पत्र सौंपने के बाद पार्षदों के एक गुट ने नगर आयुक्त से अविश्वास की फाइल को दो दिन तक रोककर रखने को कहा है। उनका कहना था कि दो दिन में आपसी समझौता कराने का प्रयास किया जाएगा

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बैकफुट पर आने लगे विरोधी खेमे के पार्षद

भागलपुर : महापौर की मुखालफत करने वाले पार्षद चौबीस घंटे बाद ही बेकफुट पर आने लगे हैं। कल तक जो महापौर के खिलाफ आवाज बुलंद कर रहे थे उन्होंने अपनी चुप्पी साथ ली है। यहां तक कि कुछ पार्षदों ने एक रात बाद अपना पाला ही बदल लिया। महापौर ने विरोधी खेमे के कुछ पार्षदों को अपनी ओर खींचने में सफलता हासिल कर ली। नीलकमल, मेराज व रामाशीष जैसे कई ऐसे आधा दर्जन पार्षद हैं जो महापौर के साथ कदम ताल करते दिखे।

महापौर के विरोध में जाने वाले 31 में से 13 पार्षदों को मनाने के लिए पार्षद संतोष कुमार व रंजन सिंह ने कमान संभाल रखी है। लेकिन 18 पार्षद ऐसे हैं जो महापौर व उपमहापौर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर हस्ताक्षर किए हैं। ऐसी परिस्थिति में दोनों गुटों के बीच उहापोह की स्थिति बन गई है। उक्त संख्या यह बताने को काफी है कि वे न तो महापौर को न ही उपमहापौर को पसंद करते हैं। चुनाव की नौबत नहीं आए इसके लिए अंदर ही अंदर समझौते का खेल जारी है। महापौर के गुट प्रभावी ढंग से रातोंरात पार्षदों पर नजर बनाए हुई है। उनकी नाराजगी को दूर करने का भी प्रयास किया जा रहा है।

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पहले अविश्वास, अब समझौते की बात

नगर निगम में राजनीतिक हलचल उत्पन्न करने वाले पार्षदों का जोश अब थोड़ा ठंडा पड़ने लगा है। अविश्वास की कमान संभालने वाले पार्षद एकता मंच के संयोजक संजय कुमार सिन्हा कल तक महापौर को कुर्सी से हटाने के लिए अभियान चला रखे थे। लेकिन उनका यह अभियान अब समझौते की बात पर आकर रुक गया है। जिसका असर बुधवार को नगर निगम परिसर में देखने को मिला। जहां एक ओर महापौर के कक्ष में डेढ़ दर्जन पार्षदों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई, वहीं संजय कुमार सिन्हा के साथ चार से पांच पार्षद ही थे। पार्षद संजय सिन्हा ने कहा कि महापौर अगर पार्षदों की बात मान जाते हैं तो अविश्वास प्रस्ताव पर विचार किया जाएगा। पार्षद आपस में बैठकर तय करेंगे। महापौर जब चाहे समझौता बैठक बुलाएंगे उसमें 51 पार्षद अपनी बातों को प्रमुखता से रखेंगे।

टल सकता है प्रस्ताव :

महापौर व उपमहापौर पर अविश्वास के लिए पार्षद के दो पक्षों से प्रस्ताव गया है। पार्षदों की सहमती बनी तो चुनाव टल सकता है। इस दौरान उनके समक्ष पार्षदों की मांग को प्रमुखता से रखा जाएगा। पहला निगम के विकास कार्यो को विभागीय किया जाए, पानी व सफाई के मुद्दे पर पार्षदों की शिकायत पर पहल हो, पार्षदों को मान-सम्मान मिले व निगम कर्मी पार्षदों के कार्य का शीघ्र निष्पादन करें।

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उपमहापौर से यारी और महापौर से दुश्वारी

महापौर का खिलाफत करने वाले पार्षद अब उपमहापौर के पक्ष उतर आए हैं। इनमें दिनेश सिंह, संजय कुमार सिन्हा, असगर, कुंदन देवी, बिंदु देवी, दीपक कुमार साह, नीलम देवी, नीतू देवी, फखरे आलम, शबनम, रश्मि रंजन, मो. नीसमउद्दीन व उषा देवी शामिल हैं।

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उपमहापौर का खिलाफत करने वाले नए चेहरे :

उपमहापौर के खिलाफ हस्ताक्षर करने वाले महापौर खेमे के नए पार्षद

गजाला परवीन, रिजवाना परवीन, पुतुल देवी, महेंद्र पासवान, शाहिद खान, सदानंद चौरसिया, इबरार हुसैन, संतोष कुमार, रंजन सिंह, यासमीन, कविता देवी, आशीष व कुंदन कुमार शामिल हैं।

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महापौर व उपमहापौर के विरोध करने वाले पार्षद :

राकेश कुमार दुबे, नुजहत परवीन, गोपाल प्रसाद चौधरी, सईदा, जानकी देवी, संध्या गुप्ता, प्रमिला देवी, दिनेश तांती, नासरीन, विनय कुमार लाल, गुड्डी देवी, काकुली बनर्जी, मेराज, रामाशीष मंडल, नीलकमल, पंकज कुमार, विवेकानंद शर्मा, अमरकांत मंडल।

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कोट :-

अविश्वास प्रस्ताव से संबंधित फाइल तैयार करने का निर्देश दिया गया है। सात दिन के अंदर महापौर को विशेष बैठक बुलाने का निर्णय लेना है।

– अवनीश कुमार सिंह, नगर आयुक्त, नगर निगम

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कोट :-

हमने शहर के विकास की चिंता की है। पार्षदों को यह सोचना होगा कि शहर का विकास जरूरी है। जो पार्षद नाराज हैं उनकी शिकायतों को दूर किया जाएगा। सबको साथ लेकर चलेंगे। सभी पार्षद मेरे परिवार के सदस्य की तरह हैं। पार्षदों ने दोनों पदों पर अविश्वास प्रस्ताव के लिए आवेदन दिया है। हालांकि निगम प्रशासन से इस संबंध में कोई सूचना नहीं मिली है। अब पार्षदों को ही अंतिम निर्णय लेना है।

– दीपक भुवानियां, महापौर, नगर निगम

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कोट :-

अविश्वास प्रस्ताव पार्षद दीपक भुवानियां ने लाया है तो पार्षद ही उचित निर्णय लेंगे। देर शाम इसकी सूचना मिली है। इससे मैं विचलित नहीं हूं। हम कोई निर्णय लेने के लिए स्वतंत्र है। मेरी भूमिका कल भी तटस्थ थी और आज भी है।

– डॉ. प्रीति शेखर, उपमहापौर, नगर निगम

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कोट :-

पार्षदों की बैठक महापौर की अध्यक्षता में होगी। उसमें दोनों पक्ष के पार्षद अपनी समस्या व प्रस्ताव को रखेंगे। समझौते की स्थिति में अविश्वास प्रस्ताव टल सकता है।

– संजय कुमार सिन्हा, पार्षद एकता मंच के संयोजक

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