बांग्लादेश के ‘बजरंगी भाईजान’ की मेहनत रंग लाई, भारत पहुंचा सोनू।

By :VOB.

दिल्ली के नई सीमापुरी से साल 2010 में लापता हुआ सोनू गुरुवार दोपहर ढाका से दिल्ली पहुंचा। बांग्लादेश के रहने वाले जमाल इब्नमूसा वह शख्स हैं, जिन्होंने सोनू को घर भेजने के लिए प्रयास किया। उनकी बदौलत आज वह स्वदेश लौट आया।

अब वह दिल्ली में विदेश मंत्री सुषमा स्वराज से दोपहर दो बजे मुलाकात करेगा। छह साल बाद लाडले को पाकर घर में खुशी का माहौल है, जैसे ईद पर ऊपरवाले ने उस परिवार को शानदार ईदी दी है।

सोनू के पिता महबूब ने कहा कि उनको उनका बेटा मिल गया है। अब वह काफी खुश हैं। वह सुषमा स्वराज जी को धन्यवाद देते हैं।

‘बजरंगी भाईजान’ ने ऐसे की मदद 
एक निजी कंपनी में काम करने वाले जमाल इब्नमूसा की एक दिन सोनू से मुलाकात हुई तो उसने अपने साथ हो रहे जुल्म की जानकारी दी। जमाल ने पुलिस में शिकायत की। पुलिस ने जमाल को ही जेल भेज दिया।

जेल से बाहर आने के बाद जमाल ने दोबारा पुलिस में शिकायत की। इस बार पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर सोनू को बालगृह भेज दिया। कोर्ट ने फैसला दिया कि सोनू के परिजन उसे ले जाएं। मामले के मीडिया में आने के बाद विदेश मंत्रलय ने संज्ञान लिया। इधर, जमाल ने दिल्ली आकर सोनू के पिता महमूद को जानकारी दी।

यमुना विहार थाने में रिपोर्ट दर्ज हुई थी
दिल्ली पुलिस का कहना है कि मई, 2010 में सोनू की गुमशुदगी की रिपोर्ट यमुना विहार थाने में दर्ज हुई थी। जांच के बाद मामला जिला स्तर पर डीआईओ में चल रहा था। फिरौती के कॉल आने जैसी कोई बात सामने नहीं आई थी। हालांकि, बताया जाता है कि रिपोर्ट दर्ज होने के बाद फिरौती के लिए एक महिला ने कॉल की थी। तीन साल तक कोई सुराग न मिलने पर फाइल बंद कर दी गई थी।

Advertisements