बांका के दस गांवों को स्वच्छ पानी पिलाएगा विश्व बैंक। 


नीर निर्मल योजना के तहत फ्लोराइड व आयरण से प्रभावित बांका जिले 10 गांवों को विश्व बैंक की मदद से स्वच्छ पानी मिलेगा। हालांकि, ग्रामीणों को अभी इसके लिए डेढ़ साल तक इंतजार करना पड़ेगा। वर्ष 2018 के जून तक लोगों को स्वच्छ पेयजल मिलने की उम्मीद है। पीएचइडी ने टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दिया है। 10 जगहों से अबतक 7 जगह संवेदक ने रूची दिखायी है। विश्व बैंक, केन्द्र व राज्य सरकार इस पर 1751.58 लाख रुपए खर्च करेगी। इससे 8 प्रखंडों के 10 गांवों के करीब 50 हजार ग्रामीण को फ्लोराइड व आयरण मुक्त पानी मिलने लगेगा।
इन गांवों मिलेगा स्वच्छ पेयजल : रजौन प्रखंड के सिंहनान में 205.08 लाख, बाराहाट के बढ़ौना में 149.54 लाख, धोरैया के बटसार में 179.59 और अठपहरा में 67.71 लाख, बौंसी के कुशमाहा में 156.84 लाख, शंभूगंज के मालडीह में 143.25 लाख, अमरपुर के पवई में 217.8 लाख और लौढ़िया में 222.68 लाख, चांदन के सुईया में 241.74 लाख और कटोरिया के जयपुर गांव में 167.35 लाख की लागत से जल मिनार का निर्माण किया जाएगा। इसके बाद पाइप द्वारा हर घर नल जल के तहत सभी घरों को चौबीसों घंटा पानी उपलब्ध कराया जाएगा।
ग्रामीणों से लिया जाएगा कनेक्शन चार्ज : नीर निर्मल योजना शुरू करने में दस गांवों को श्स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने में 1751.58 लाख खर्च किया जाएगा। इसमें आधी रकम यानि 50 फीसदी विश्व बैंक, 35 फीसदी केन्द्र और 14 फीसदी राज्य सरकार खर्च करेगी। एक प्रतिशत के रुप में ग्रामीणों से कनेक्शन के नाम पर समान्य कोटी से 450 और एसटीएससी से 225 रुपए लिये जाएंगे।

Advertisements

Leave a Reply

Please log in using one of these methods to post your comment:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out /  Change )

Google photo

You are commenting using your Google account. Log Out /  Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out /  Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out /  Change )

Connecting to %s